Krishna MIshraTrainer Stories

भारत और आधुनिक इंडिया

आज सभी देशों में आधुनिकता की होड़ सी लगी है, और इस आधुनिकता की दौड़ में कई देश आजे अनजाने प्रकृति के संतुलन को असंतुलित कर रहें है। और वे सभी देश इस बात से अनजान हैं या अनजान बनने का प्रयास कर रहंे है। परन्तु प्रकृति केा असंतुलित करने का परिणाम उनकों नहीं तो उनकी आने वाली पीढ़ियांे को भुगतना पड़ेगा, ये अटल सत्य है।

मनुष्य जाति अपने मद मंे चूर होकर प्रकृति के साथ खिलवाड कर रही है, और प्रकृति भी सहन कर रहीे है। किन्तु कब तक आज नहीं तो कल प्रकृति का असंतुलन अपनी सीमा पार कर जाएगा तो कहीं न कहीं पूरी मानव सभ्यता को इसका दुस्परिणाम का समना करना पड़ सकता है जंगलों का अन्धाधुन्द कटाव और जंगली जानवरों का शिकार पर्यावरण के असंतुलन के प्रमुख कारण हैं।

भारत आदि काल से विश्व के आर्कषण का केन्द्र रहा है, और इसी कारण भारत में कई वर्षों से अन्य देशों आक्रमण होते रहें हैें भारत आदिकाल से विश्वगुरू रहा है जब पूरी दुनिया में मानव सभ्यता का आरम्भ हुआ तब भारत वर्ष में हडप्पा और मोहनजोदाडों जैसी सभ्यता का विकास बहुत पहले हेा गया था । भारत के संस्कृति के विनाश में कई विदेशी हमलों का हाथ है। जिसकें कारण भारत की संस्कृति को बहुत हानि हुई थी । भारत की संस्कृति में पश्चिमी सभ्यता का हावी होना एक मत्वपूर्ण कारण है। भारतीय संस्कृति के दुषित होने का जिससें कही न कही भारतीयों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है।

भारत का इंडिया नाम अंग्रेजों के भारत पर शासन काल पर पड़ा और अंग्रेज भारत में व्यापार के लिये आये पर व्यापार के बहाने अंग्रेज अपनी नीति फुट डालों और राज करों के आधार पर भारत में बहुत जल्द ही शासन करने लगें और भारत की सम्पत्ती केा लुटने लगे और भारत को अपना गुलाम बना लिया ।

भारत 15 अगस्त 1947 केा अंग्रजों की गुलामी से आज़ाद तो हो गया परन्तु भारत अंग्रेजो की सभ्सता से पूर्ण रूप से आजादी प्राप्त नही कर पाया है।

भारत की 80 प्रतिशत से भी अधिक आबादी गांवों में रहती है। जिसके कारण भारतीय संस्कृति बहुत हद तक जीवित है। किसी भी देश की सभ्यता और रीति-रिवाज एंव उसकी संस्कृति उस देश की आत्मा और मूल पहचान होती है, जो उस देश के इतिहास से जुडी हेाती है।
किसी भी देश का इतिहास उसकी मूल पहचान होती हैं ।

आधुनिक इंडिया:- आधुनिक इंडिया से आशय शहरी भारत से हैं जिसमें तकनीकि, औद्यौगिक , चिकित्सया, रोजगार , आधारभूत(पानी, बिजली, सड़क) सुःख सुविधाएँ हों ।
आधुनिक इंडिया में वो सभी बड़ीबड़ी विकसित शहर आतें हैं जिनमें ये सुःख सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं, जो दुनियां से जुड़ी होती हैं और दुनिया शहरों से जुड़ी होती है। विकसित शहरों में बहुत सी कम्पनियां होती है जिससें रोजगार की समस्या का हल होता हैं, जहाँ शिक्षा प्रणाली अधिक विकसित होती हैं,

बड़े-बड़े अस्पताल है जो हर मर्ज की दवाई करने का प्रयास करते है जो पहले बहुत गम्भीर मानी जाती थी ।

Krishna Mishra

About Author: Krishna Mishra has a total work experience of 2 years in the corporate world. He is a Software Engineer and has been working with STEM Learning for the last 2 months.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *